किसी ने क्या
खूब कहा है...
बख्शे जाते हैं वो लोग जिनकी किस्मत खराब होती
है...
खुदा उन्हें नहीं बख्शता जिनकी नीयत खराब होती
है...
न मेरा एक होगा... न तेरा लाख होगा...
न तारिफ तेरी होगी... न मजाक मेरा होगा...
गुरूर न कर शाहे शरीर का,
मेरा भी खाक होगा, तेरा भी खाक होगा...
जिंदगी भर ब्रांडेड ब्रांडेड करने वालों...
याद रखना कफन का कोई ब्रांड नहीं होता...
कोई रो कर दिल बहलाता है, कोई हंस कर दर्द छिपाता
है
क्या करामात है कुदरत का यारों, जिंदा इंसान पानी
में डूब जाता है..
और मुर्दा तैर कर दिखाता है....
मौत को देखा तो नहीं शायद वो बहुत खूबसूरत
होगी...
कमबख्त जो भी उससे मिलता है जीना छोड़ देता है...
गजब की एकता देखी लोगों की जमाने में...
जिंदों को गिराने में और मुर्दों को उठाने में...
जिंदगी में न जाने कौन सी बात आखिरी होगी...
न जाने कौन सी रात आखिरी होगी...
मिलते जुलते बातें करते रहो यारों
एक दूसरे से न जाने कौन सी मुलाकात आखिरी होगी...