आज हर कोई बस अपने "मैं " में कहीं खो सा गया है..
सब के साथ होते हुए भी गुमशुम सा खो गया है..
जिन्दगी की भागदौड़ में भूल गया है हम को कहीं..
बस मैं और मैं में जी रहा है, भूल सा गया है सबकुछ कहीं ...
पैसे और रुतबे के आगे बस अब "मैं" ही जिन्दा है ....
मांगता है जिन्दगी से भीख तूं बस पैसे की..
खुद के ही आगे बस बरबस सा जिन्दा है तू कहीं ....
अंधे दौड़ मैं ऐ बन्दे तूं चाहता क्या है अब ..
दिल से सोच जरा तूं खुद से मांगता क्या है अब..
अपने "मैं" में ही तूं कहीं खो सा गया है अब..
सब की भीड़ में गुम हो गया है अब..
ऐ बन्दे सुन मेरी बात सारा गौर से तूं..
छोड़ दे "मैं" की चाहत और पा ले "हम" को तूं..
मिल जाएगी खुशियाँ साडी , खुद को भी पा लेगा तूं..
हर मंजिल जाएगी फिर तुमसे जुड़ कर ..
तूं फिर हो जायेगा "मैं" से हम फिर..
कर ले प्यार इस जहाँ के हर बन्दे से..
हर बंदा है यहाँ अपना, तूं खो जा इनमे तू..
सब के साथ होते हुए भी गुमशुम सा खो गया है..
जिन्दगी की भागदौड़ में भूल गया है हम को कहीं..
बस मैं और मैं में जी रहा है, भूल सा गया है सबकुछ कहीं ...
पैसे और रुतबे के आगे बस अब "मैं" ही जिन्दा है ....
मांगता है जिन्दगी से भीख तूं बस पैसे की..
खुद के ही आगे बस बरबस सा जिन्दा है तू कहीं ....
अंधे दौड़ मैं ऐ बन्दे तूं चाहता क्या है अब ..
दिल से सोच जरा तूं खुद से मांगता क्या है अब..
अपने "मैं" में ही तूं कहीं खो सा गया है अब..
सब की भीड़ में गुम हो गया है अब..
ऐ बन्दे सुन मेरी बात सारा गौर से तूं..
छोड़ दे "मैं" की चाहत और पा ले "हम" को तूं..
मिल जाएगी खुशियाँ साडी , खुद को भी पा लेगा तूं..
हर मंजिल जाएगी फिर तुमसे जुड़ कर ..
तूं फिर हो जायेगा "मैं" से हम फिर..
कर ले प्यार इस जहाँ के हर बन्दे से..
हर बंदा है यहाँ अपना, तूं खो जा इनमे तू..
No comments:
Post a Comment