Friday, 23 March 2012

meri dua mere pyar ke liye..

कोशिश फिर से की उनसे बात करने की..
न हो पाई बात कोई उनसे फिर भी..
मिन्नतें कर रहा हूँ रब तुझसे ये ....
की  एक बार मुझे मेरे यार से मिला ..
जिसके लिए मैंने आंसूं बाह्ये ...उसके दीदार करा दे..
मेरे कान तरस  गए हैं उसकी एक मधुर आवाज़ के लिए ..
सांसे मानो  रुक सी गयी है उसके  एह्श्साश के लिए ..
है मेरी ये दुआ मेरे रब तुझसे ये ...
 तुन एक बार उनका दीदार करा दे..
मेरे प्यार के एह्श्साश को तुन उन तक पहुंचा दे..
करा दे दीदार तुन उनका बस एक बार जरा सा 
मूझे उस दीदार के बाद तुन  बस अपने पास बुला ले..
खता बस मेरी इतनी सी है मेरे खुदा..
की मैं मेरे यार को ही रब समझ बैठा ..
और कर बैठा  उस रब की पूजा..
तुझे मेरे रहमत का वास्ता मेरे खुदा..
बस एक बार तुन मुझे मेरे यार से मिला..
मुझसे हुई है क्या खता बस एक बार तुन मुझे बता..
ऐ खुदा बस एक बार मुझे मेरे सच्चे  प्यार से मिला.. 
या उसे दे दुनिया भर की ख़ुशी और मुझे उसके दुःख से मिला..

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