तुझे भूल जाने को दिल करता है..
आँखों से तुझे हटाने को दिल करता है..
तुन दिल के जिस कोने में बसी है अब भी..
उस कोने को ही मिटाने का दिल करता है..
तेरे प्यार में मैं खोया था इस क़द्र
की अब भी तुझ में खो जाने को दिल करता है..
कोशिश कर लिए तुझे भूलने को बहुत ..
फिर भी तुम में खो जाने को दिल करता है..
तेरी प्यार की छाओं में थी जो शीतलता..
वो अब छोड़ जाने को दिल करता है....
कसक है अब भी दिल में मेरे कहीं..
तुने छोड़ा क्यूँ मुझे बता दे कहीं...
तेरे जवावों के ही सहारे जिन्दगी काट लेता..
न पूछता तुझसे मैं फिर कुछ भी..
बस तेरी उन बातों के सहारे जिन्दगी काट लेता..
तुझे भूल तो जाता दिल से मगर सासों से अलग न कर पता..
सासों से जो तूं जुदा हो भी जाती ...
तों रूह से तुझे अलग न कर पाता...
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